यीशू का अनुसरण करने के आह्वान का उत्तर
“यीशू गलील झील के पास टहल रहे थे। उन्होने शमोन व उसके भाई एन्द्रियास को देखा। वे दोनो मछुआरे थे और वे मछली पकड़ने के लिए जाल को झील में फेंक रहे थे। यीशू ने उनसे कहा, ‘आओ, मेरा अनुसरण करो और मैं तुमको अलग तरह का मछुआरा बना दूंगा। तुम इंसानों के मछुआरे बनोगे न कि मछलियों के।’ उन्होने फौरन अपने जाल छोड़ दिए और यीशू के पीछे चल दिए।
यीशू ने गलील झील के पास चलना जारी रखा। उन्होने दो और भाइयों याकूब और यूहन्ना को देखा, जो जब्दी के बेटे थे। वे अपनी नाव में अपने जाल से मछली पकड़ने की तैयारी कर रहे थे। उन भाइयों के साथ उस नाव में उनके पिता जब्दी और उनके साथ काम करने वाले लोग थे। जब यीशू ने उन भाइयों को देखा तो उनसे आने को कहा। उन्होने अपने पिता को छोड़ दिया और यीशू के पीछे चल दिए।” — मरकुस 1:16-20 (सरल पाठ संस्करण)
इन लोगों का आह्वान करते समय यीशू ने जिस “अनुसरण” शब्द का उपयोग किया है उसे उन्होने केवल तब उपयोग किया है जब वे लोगों के समूह को संबोधित करते थे न कि किसी एक व्यक्ति को। यीशू का अनुसरण का यह आह्वान किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं है। यह कुछ विशेष व्यक्तियों के लिए भी सीमित नहीं है। यह हर उस व्यक्ति के लिए है जो सुनेगा और जवाब देगा। उस दिन वह आह्वान केवल इन मछुवारों के लिए नहीं था। वो आपका आह्वान भी कर रहे थे!
“पहले लोग अज्ञानतावश ईश्वर को न समझ पाए। लेकिन अब वह दुनिया में हर एक को बदलने व उसकी शरण में आने को कह रहे हैं।” — प्रेरितों के काम 17:30 (सरल पाठ संस्करण)
जब यीशू ने उन मछुआरों का आह्वान किया तो उनके आह्वान में एक वादा शामिल था। “मैं आपको एक भिन्न प्रकार का मछुआरा बनाउंगा। तुम इंसानों के मछुआरे बनोगे न कि मछलियों के।” वे उनसे निराधार अनुसरण करने को नहीं कह रहे हैं। वे यीशू का अनुसरण करके अद्भुद लाभों का अनुभव करेंगे। यीशू के साथ संबंध रखने के एवज में उनको उनकी पहचान मिलेगी, वो जानेंगे कि वे क्या बनने के लिए पैदा हुए और जीवन में उनका प्रयोजन क्या है, वे क्या करने के लिए पैदा हुए हैं! यीशू का अनुसरण करने पर यह उनके द्वारा प्रस्तावित लाभों में से एक है!
अपने प्रयोजन को जानने और अपने भीतर के उस उपयुक्त व्यक्ति की खोज करने में सहायता करने के लिए केवल यीशू ही आपको ऐसा निजी संबंध और निजी दिशानिर्देश देते हैं! आपको यह प्रस्ताव और इस तरह की सहायता कहीं और नहीं मिलेगी। उनको और उनके निमंत्रण को अपनाएं। खुद को जानने और जीवन के प्रयोजन की खोज में यीशू का अनुसरण करें!
संबंध, धर्म नहीं।
यीशू का आह्वान किसी धर्म या किसी संदेश या किसी संगठन का अनुसरण करने का आह्वान नहीं है। यह एक व्यक्ति का, यीशू के व्यक्तित्व का अनुसरण करने का निजी आह्वान है। उनका अनुसरण करें। उनके साथ आपके संबंध ही सब कुछ हैं। आपको जो धार्मिक अभ्यास, रीति-रिवाज और नियम सिखाए गए हैं उनको भूलने की जरूरत हो सकती है। एक बार जब आप यीशू के वास्तविक रूप से परिचित हो जाएंगे तो आपको एहसास होगा कि वे उन सिखाई गयी चीजों या उनके बारे में आपके ज्ञान से वे कितने भिन्न हैं।
यीशू के व्यक्तित्व का अनुसरण करें। वे जीवित व गतिशील व्यक्ति हैं। वे ईश्वर के सुपुत्र हैं और वे आपको उनके साथ एक जीवंत व प्रत्यक्ष संबंध के लिए आह्वान दे रहे हैं, एक ऐसा संबंध जिसमें कोई बिचौलिया शामिल नहीं है। आपके और उनके बीच में कोई भी नहीं खड़ा है जो आपको यह बताता हो कि क्या करना है और कैसे व्यवहार करना है। बस केवल वे हैं और आप हैं।
नष्ट करने के लिए समय है ही नहीं!
यीशू का आह्वान एक निमंत्रण है, लेकिन इसे आदेशात्मक रूप से कहा गया है। कुछ और करने का विकल्प ही नहीं है। यह यीशू द्वारा एक आदेश की तरह कहा गया है। और इस आदेश में इसके तुरंत पालन किए जाने का भाव है। “अभी आएं!” दूसरे शब्दों में, कुछ भी और करना, यीशू का अनुसरण न करने का कोई भी विकल्प है ही नहीं। किसी और रास्ते पर चलना, किसी और ढ़ंग से कुछ और करना, यीशू का अनुसरण न करना केवल अपना मूल्यवान समय नष्ट करना है और उस मार्ग से आप अपना वास्तविक प्रयोजन और पहचान हासिल नहीं कर पाएंगे। नष्ट करने के लिए समय है ही नहीं।
यही शब्द “आओ” (आने का आह्वान) मत्ती 22:4 में उपयोग किया गया है, जब शादी का प्रीतिभोज तैयार था और राजा ने आमंत्रित मेहमानों को दावत में आने के लिए आवाज़ लगाई। दावत का भोज अब तैयार है! अब आने का समय हो गया है!
उसने फिर से नौकरों को उनसे यह कहने के लिए भेजा, ‘जो आमंत्रित लोग हैं उनसे कहो, “आइये भोजन तैयार है। मैने बैल और पालतू मवेशी मार डाले हैं। अब सब कुछ तैयार है। शादी की दावत में आओ!”’ — मत्ती 22:4 (आम अंग्रेजी बाइबिल)
दूसरे शब्दों में, “समय हो गया है! अभी आएं!” भव्य शादी के भोज को तैयार करने वाले राजा के समान, यीशू आपको दुख और अफसोस भरे ऐसे जीवन के लिए आमंत्रित नहीं कर रहे हैं, जहां पर आपको केवल मेज पर खाने के बाद बचे रह गए राशन पर जीवित रहना पड़े। वे आपको एक ऐसी दावत पर बुला रहे हैं जिसे विशेष रूप से आपको दिमाग में रखते हुए दावत की तैयारी की गयी है जिससे कि आपकी आत्मा की गहन भूख को संतुष्ट किया जा सके।
वह क्या है जिसके लिए आप वास्तव में गहन प्यासे हैं? यीशू आपसे अनुसरण, संतुष्टि व तृप्ति हासिल करने का आह्वान कर रहे हैं।
“यीशू खड़े हुए और उन्होने चिल्लाते हुआ कहा, ‘यदि कोई प्यासा है तो उसे मेरे पास आने दो, अपनी प्यास बुझाने दो।’” — यूहन्ना 07:37 (नई अमरीकी मानक बाइबिल)
आएं और अपनी जरूरतों को पूरा करें
यीशू का आह्वान, धमकी भरी मांग नहीं है बल्कि अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक आह्वान है। हर बार जब यीशू ने “अनुसरण करो” या “आओ” शब्द का उपयोग किया है तो उनका विचार हमेशा उन लोगों की जरूरतों को पूरा करने से था जो उनके इस आह्वान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। भिन्न रूप में, वे हमेशा कह रहे थे कि, “आओ, मेरा अनुसरण करो और तुम्हारी जरूरतें पूरी होंगी।”
यीशू ने उनसे कहा, “आओ और तृप्त हो जाओ।” — यूहन्ना 21:12 (सरल पाठ संस्करण)
“लेकिन अनेक लोग आ रहे थे और जा रहे थे। इसलिए उनके पास तृप्त होने का अवसर नहीं था। फिर यीशु ने अपने प्रेरितों से कहा, ‘मेरे साथ किसी शांत स्थान पर आओ। तुमको थोड़े विश्राम की जरूरत है।’” — मरकुस 06:31 (नया अंतरराष्ट्रीय पाठक संस्करण)
“तुम सारे लोग आओ जो कठिन संघर्ष कर रहे हो और भारी बोझ से दबे हुए हो मेरे पास आओ और मैं तुमको विश्राम दूंगा। मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो और मुझ से सीखो। मैं विनम्र और कृतज्ञ हूँ। और तुमको विश्राम मिलेगा।” — मत्ती 11:28-29 (आम अंग्रेजी बाइबिल)
एक आमंत्रण, जीवन का!
यीशू का अनुसरण का अह्वान दास बनने का नहीं है, बल्कि ये गहन संतुष्टि और तृप्ति का है। यह अंततः उस जीवन की खोज का आह्वान है जिसके लिए तुम जी रहे हो और वह व्यक्ति बनने का है जो तुमको होना चाहिए! इसी शब्द को मत्ती 25:34 में उन लोगों का आह्वान करने के लिए किया गया है, जिनको उस राज्य में दाखिल होने के लिए ईश्वर का आशीर्वाद हासिल है, जिसे उनके लिए इसके सारे गौरवशाली चमत्कारों के साथ तैयार किया गया है!
“फिर वह राजा अपने दाहिने स्थित ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त किए लोगों से कहेगा, ‘आओ, मेरे पिता के पास तुम्हारे लिए महान आशीर्वाद हैं। वह राज्य जिसका उन्होने वादा किया था वह अब तुम्हारा है। इसे तुम्हारे लिए तब तैयार किया गया था जब दुनिया का निर्माण किया गया था।’” — मत्ती 25:34 (सरल पाठ संस्करण)
उस व्यक्ति से मिलें जो आपको सबसे बेहतर तरीके से जानता है
यीशू का आह्वान, एक आमंत्रण है, उस एकमात्र व्यक्ति से मिलने, उसे जानने का जो पूरे ब्रह्मांड में तुमको और तुम्हारी जरूरतों को किसी भी अन्य व्यक्ति की तुलना में पूरी तरह से और घनिष्टता के साथ जानता है — यहां तक कि खुद तुमसे से भी अच्छी तरह से! जैसा कि कुएं के पास की उस महिला ने पुकार कर कहा था:
“आओ। एक ऐसे आदमी को देखो जिसने मुझे वह सब कुछ बताया जो मैने कभी किया। क्या यह मसीहा हो सकता है?” — यूहन्ना 4:29 (नया अंतरराष्ट्रीय पाठक संस्करण)
अपने पुराने जीवन को पीछे छोड़ दें
जब यीशू ने शमौन और अन्द्रियास का आह्वान किया तो उन्होने अपने जाल पीछे छोड़ दिए और जीसस का अनुसरण किया। याकूब और यूहन्ना भी यीशू के आह्वान पर अपने पिता को छोड़ कर उनका अनुसरण करने निकल पड़े। यीशू के पास आपके लिए जो कुछ है उसका वास्तविक अनुभव करने के लिए और उनके द्वारा प्रस्तावित नए जीवन में दाखिल होने के लिए आपको अपने पुराने जीवन को पीछे छोड़ने के लिए सहमत व तैयार होना चाहिए। क्या तुम वो करना चाहते हो?
इसका यह अर्थ कतई नहीं है कि तुम अपनी जिम्मेदारियों की उपेक्षा कर दो, बल्कि यीशू के साथ जो अनुभव मिलेगा उसके लिए नए जीवन के लिए स्थान बनाने हेतु तुमको पुराने जीवन को छोड़ने के लिए इच्छुक होना होगा। क्या तुम इच्छुक हो? क्या तुम तैयार हो
कार्रवाई के चरण
जब शमौन, अन्द्रियास, याकूब और यूहन्ना ने यीशू के अनुसरण के आह्वान को सुना तो उन्होने तत्काल प्रतिक्रिया दी। वे जो कर रहे थे उसे छोड़ कर यीशू का अनुसरण किया। ठीक उसी तरह जब आप यीशू का अनुसरण करने का निर्णय लेते हैं तो इसके लिए आपको कुछ कदम उठाने होंगे।
- यीशू के साथ अपने संबंधों की शुरुआत करने के लिए उनकी प्रार्थना करें। उनसे कहें कि आपने उनका अनुसरण करने के उनके आह्वान को उत्तर देने का निर्णय लिया है। उनसे अपने शब्दों में बात करें। उदाहरण के लिए आप कह सकते हैं कि, “यीशू, मैने आपके आह्वान का उत्तर देना तय किया है। मैं आपके अनुसरण को चुना है।”
- यीशू के बारे में और अधिक जानने के लिए उनके शब्द — पवित्र बाइबिल को पढ़ें। यदि आपके पास बाइबिल नहीं है तो आप इसे अपनी भाषा में इस लिंक पर पढ़ सकते हैं: www.BibleGateway.com या इस ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं।
- यीशू के साथ समय व्यतीत करें। उनकी प्रार्थना करके उनके नजदीक जाएं और उनको जाने। उनसे अपने सबसे अच्छे दोस्त की तरह बात करें।
- वो आपका नेतृत्व करेंगे। उन पर विश्वास करे। वे जहां जाते हैं उनके पीछे जाएं और आपको नए जीवन का अनुभव होगा!
“चखो और समझो कि यहोवा कितना भला है। वह व्यक्ति जो यहोवा के भरोसे है सचमुच प्रसन्न रहेगा।” — भजन संहिता 34:8 (सरल पाठ संस्करण)

