फिल्म दी बॉर्न आइडेंटिटि (The Bourne Identity) में एक दृष्य है जिसने मुझे वाकई प्रभावित किया और वह मेरे मन में हमेशा के लिए बस गया। इस फिल्म में एक जगह पर जैसन बॉर्न को यह महसूस होता है कि पुलिस उसके नज़दीक आ रही है। बस उसी समय वो पलक झपकते ही निर्णय लेता है, वो अपनी हैंडगन को गली में गिरा देता है, जिसके चलते वो निहत्था हो जाता है और वो आराम से वहां से निकल जाता है।
इस छोटे से दृष्य ने मुझे प्रभावित किया क्योंकि उसके भविष्य के लिए उसके जीवन-मरण से जुड़ा वह निर्णय पलक झपकते ही लिया गया था, और वह बिना पीछे मुड़े वहां से निकल गया। यह जान कर भी उसने उस पल में अपनी सैकड़ों डॉलर की हैंडगन फेंक दी कि ऐसा करके वो निहत्था हो जाएगा। उस पल में, उसने पूरी स्पष्टता से और अंतिम रूप से यह समझा कि अतीत में जो उसके लिए मूल्यवान और बेहद जरूरी था, वह अब एक बोझ है। यदि वह इससे चिपका रहा तो वह उसकी अपनी आगे की यात्रा के लिए बाधा साबित होगा।
इस समय पर, मेरा मानना है कि हमारे जीवन में दूसरे किसी भी समय से अधिक ऐसी किसी भी चीज़ से मुक्त होना बेहद महत्वपूर्ण है जो हमारे उद्देश्य की प्राप्ति के लिए मददगार नहीं है। इसका अर्थ है किसी ऐसी चीज़ को भी छोड़ना जिसने हमें वहां तक पहुंचाया है, जहां हम आज पहुंचे हैं। भले ही वह हमारी वर्तमान स्थिति को हासिल करने के लिए बहुमूल्य रही हो और वह आगे के मार्ग में हमारे लिए बाधा साबित होगी, हमें इसे बेरहमी से छोड़ कर आगे बढ़ जाना चाहिए। अन्यथा यह हमारे लिए बोझ साबित होगी और हमारी नियति तक पहुंचने में आगे की यात्रा के दौरान हमें बाधित करेगी। कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्होने हमें आज की स्थिति में पहुंचने में मदद की है, और दरअसल भविष्य में वे हमारे लिए बाधा बन सकती हैं।
इंजील का एक अंश जो संभवतः मेरे लिए “उस पल का शब्द” है, वह फिलिप्पियों अध्याय 3 [Philippians chapter 3 (AMP)] का यह वाला है:
“भाइयों (और बहनों), मैने जो हासिल कर लिया, जिसे अपना बना लिया है [अभी तक] उस पर विचार नहीं करता; लेकिन एक चीज़ पर करता हूँ [यह मेरी एक आकांक्षा है]: जो निकल गया उसे भूलना और जो कुछ आगे आ रहा है उस पर ज़ोर देना, मैं हासिल किए जाने वाले [सर्वोच्च और स्वर्गिक] पुरस्कार के लक्ष्य पर ज़ोर देता हूँ जिसमें यीशू मसीह में निहित परमेश्वर हमें ऊपर बढ़ने के लिए बुलाता है।”
हमारे आगे जो कुछ आने वाला है वह इतना बहूमूल्य है कि वह अतीत के बारे में सारी चिंताओं पर ग्रहण लगा देता है। यीशु ने उससे कहा, “तू मेरे पीछे हो ले, और मुरदों को अपने मुरदे गाड़ने दे।” (Matthew 8:22) (मत्ती 8:22 का एक दृष्टांत) (अनुवाद)
लूत की पत्नी को याद करें
कई साल पहले बेहद हड़बड़ी के माहौल, लूत और उसके परिवार के लिए अपने घर को छोड़ना और पीछे देखे बिना एक अज्ञात भविष्य का सामना करना बहुत जरूरी हो गया था। पहले के दिनों में जिन चीज़ों से वे बंधे हुए थे उनके लिए उनके पास समय न था। लेकिन छोड़ने की बेहद हड़बड़ी में, लूत की पत्नी अपने हाल के अतीत उन चीज़ों को छोड़ कर बिना पीछे देखे, आगे बढ़ने के लिए तैयार नहीं थी। परिणाम स्वरूप, वह नमक का एक खंभा बन गयी। यदि हम अपने अतीत की उन चीज़ों से नहीं मुक्त हो पाते हैं जो तब हमारे लिए बहुत मूल्यवान और जरूरी थी, और हमारे आगे आने वाले महान उद्देश्य के लिए उनसे दूर नहीं हो सकते हैं तो हम इसी तरह से लाक्षणिक रूप से नमक का खंभा बन जाते हैं, और आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाते हैं।
जैसा रिक जॉयनर कहते हैं, “यदि हम अभी भी पीछे देख रहे हैं तो हम आगे जाने को तैयार नहीं हैं।”
हम जिस समय में रह रहे हैं उसके विषय में बोले तो यीशू हमें लूत की पत्नी के उदाहरण की याद दिलाते हैं:
“उस दिन जो कोठे पर हो; और उसका सामान घर में हो, वह उसे लेने को न उतरे, और वैसे ही जो खेत में हो वह पीछे न लौटे। लूत की पत्नी को स्मरण रखो। जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे वह उसे खोएगा, और जो कोई उसे खोए वह उसे जीवित रखेगा।” — Luke 17:31-33 (NKJV) लूका 17:31-33 (अनुवाद)
इसे व्यवहारिक रूप से लागू करना
मेरे जीवन के लिए व्यवहारिक रूप से, इसका अर्थ है मेरी रिहाइश वाले स्थान को व्यवस्थित करना। इसके लिए मुझे बड़े समायोजन करने की जरूरत होगी, और जो सहज व सुविधापूर्ण भी नहीं होगा, लेकिन जो पुरस्कार आगे हासिल होने वाला है उसके मूल्य के आगे यह कुछ भी नहीं है। अपनी संपत्तियों के बारे में, इसका अर्थ है कि मुझे हर उस चीज़ से मुक्त होना होगा जिसकी मेरी इस यात्रा में कोई व्यवहारिक उपयोगिता नहीं है। मैं उन चीजों को रखूंगा जो मेरे लिए भावनात्मक रूप से बहुमूल्य हैं, जैसे मेरे दादाजी का छोटा चाकू, लेकिन मेरी आगे की यात्रा के लिए संभावित रूप से मददगार न रहने वाली शेष सारी चीजों को मैं अपने रिहाइश वाले स्थान से हटा दूंगा। और ऐसा अविलंब किया जाना होगा। अगर उसकी कोई महत्वपूर्ण कीमत होगी तो मैं उसे बेच दूंगा। और यदि न हुई तो मैं उसे किसी को दे दूंगा या कचरे में डाल दूंगा। मैंने अपने जीवन में ऐसी चीजों के लिए बहुत सारा समय और स्थान दिया है, जिनका अतीत में मेरे जीवन में काफी महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है, लेकिन अब असल जरूरत को पूरा नहीं करती हैं। अपने अतीत की चीजों के प्रबंधन में बहुत सारा समय व्यतीत करना मेरे लिए अब संभव नहीं है।
हाल ही में मैने एक सपना देखा कि मैं अपनी पुरानी इयरबुक को हाईस्कूल रीयूनियन में लेकर गया। इस आयोजन के दौरान, मुझे उस हॉल से बाहर जाना पड़ा था। और जब मैं वापस आया तो मेरी इयरबुक गायब थी। उसे मैं तलाश न सका। मेरा सपना ऐसे लोगों की लाइन पर खत्म हुआ जो चल नहीं रही थी। उस लाइन में से एक बंदे के हाथ में वह इयरबुक थी। वह मेरी ओर मुड़ा और अतीत में बिताए मजेदार समय को याद करने लगा।
वह इयरबुक मेरे अतीत की अच्छी-बुरी यादों का प्रतिनिधित्व करती थी। शुरुआत में मुझे अपनी इयरबुक को खो देने का दुख हुआ, लेकिन बाद में इस पर विचार करने पर मैने महसूस किया कि अपनी इयरबुक को मैने कभी देखा ही नहीं। यह तो बस अल्मारी पर जगह को घेरे हुए थी। हकीकत में दरअसल अगर मैं अपनी हाईस्कूल इयरबुक को खो भी दूं तो कोई गंभीर हानि नहीं होगी। लेकिन आगे न बढ़ रहे फंसे हुए लोगों की लाइन में आगे न बढ़ने वाले और अतीत में जीना जारी रखने वाले किसी शख्स के लिए यह महान त्रासदी होगी।
उस सपने का संदेश यह नहीं था कि अपनी इयरबुक को फेंक दो, बल्कि यह बताना था कि मेरे मार्ग पर आगे आने वाले परमेश्वर के महान उद्देश्य का पूरे जतन से पीछा करने पर ध्यान लगाने के लिए अतीत को पीछे छोड़ना होगा।
अपने जीवन को व्यवस्थित करने का अर्थ है उन गतिविधियों को समाप्त करना जो मेरे जीवन के लिए व्यर्थ हैं। मेरे जीवन में जो थोड़ा सा समय शेष है वह बेहद मूल्यवान है, और उसे किसी दीर्घकालीन चीज़ के लिए उपयोग किया जाना चाहिए।
हाल ही में, मेरी प्रार्थना के समय के दौरान मैने महसूस किया कि परमेश्वर की आत्मा ने मुझे ये शब्द कहे। मैं निश्चय ही भविष्यवाणियों को पवित्र ग्रंथ जितना भाव नहीं देता हूँ लेकिन मैं यह मानता हूँ कि इन शब्दों में कुछ ज्ञान तो जरूर निहित है:
“तुम्हारी जीवन अभी भी अव्यवस्थित है। तुम्हारा समय व ऊर्जा ऐसी चीजों पर नष्ट हो रहे हैं जो परलोक के लिए कतई मायने नहीं रखती हैं। तुम्हारा समय व ऊर्जा ऐसी चीजों पर केन्द्रित है जो तुमको स्थायी रूप से किसी भी तरह का लाभ नहीं देंगी। समझदार बनो। जिस तरह से तुम हर विचार को सहेजते हो, ठीक वैसे ही हर पल को सहेजने में मेहनती बनो, जिससे यह सुनिश्चित हो कि किसी पल में तुम जो कर रहे हो वह शाश्वत महत्व, शाश्वत पुरस्कार और शाश्वत प्रभाव के संदर्भ में तुम्हारे समय का सबसे अच्छा उपयोग हो।”
लोग इसके अपवाद हैं
खुद को व्यवस्थित करने मुक्त करने में लोगों से मुक्त होना शामिल नहीं है। कुछ प्रवचन करने वाले जब ये कहते हैं कि यदि हमारी प्रगति में लोग बाधा बन रहे हो तो हमें अपने जीवन से लोगों को अपने जीवन से निकाल देना चाहिए तो दरअसल वे गलत व्याख्या कर रहे होते हैं। हमारे लिए परम अनुकरणीय यीशू ने कभी किसी को छोड़ा नहीं। उन्होने अपने जीवन से किसी को भी अलग नहीं किया, उन्होने किसी भी स्थिति में हमें न छोड़ने या न त्यागने का वादा किया है! ऐसा मित्र होता है, जो भाई से भी अधिक मिला रहता है। (Proverbs 18:24) (नीतिवचन 18:24) (अनुवाद)
अगर अपने जीवन से किसी को निकाल बाहर करने का कारण किसी के पास था तो वे यीशू थे। हालांकि यीशू को शुरु से ही पता था कि उनको कौन धोखा देगा, लेकिन उन्होने कभी भी यहूदा को अपने जीवन से दूर नहीं किया, इसके विपरीत उन्होने उसे अपने चुने हुए बारह लोगों में शामिल किया…और तो और उसे उस समूह के खजांची की जिम्मेदारी भी दी। यह अच्छी तरह से जानते हुए भी कि यहूदा अंततः उनको धोखा देगा, यीशू ने अंत तक यहूदा से प्रेम किया। यीशू ने अपने जीवन के अंत तक यहूदा को न तो छोड़ा और न ही अपने जीवन से दूर किया। वे अंततः तब अलग हुए जब यीशू को धोखा देने के लिए यहूदा ने उनको छोड़ा।
सीमाओं को निर्धारित करना पड़ सकता है
ऐसा कहने के साथ, कई बार उन लोगों के साथ संबंधों में एक सीमा का निर्धारण करना जरूरी हो जाता है जो हमें अनुपयुक्त रूप से प्रयोग कर सकते हों या गलत व्यवहार करते हों। मुझे कुछ लोगों से कहना पड़ा कि मैं अब उनके साथ दोबारा यात्रा नहीं करूंगा, लेकिन फिर भी, अगर उनको मेरी जरूरत हो तो आशा है कि मैं उनकी मदद के लिए उपस्थित रहूंगा।
वे लोग जो कठिन लोगों को अपने जीवनों से निकाल देने में विश्वास करते हैं वे बहुत अदूरदर्शी होते हैं। वे नहीं समझते हैं कि परमेश्वर ने उन कठिन लोगों को उनके जीवन में उनकी अपनी प्रगति के लिए भेजा है! यदि हम कठिन लोगों और कठिन परिस्थितियों का परमेश्वर के पसंद वाले तरीके से सामना करना सीख लें तो हम परिपक्वता और उत्तरदायित्व में प्रगति करेंगे और आगे बढ़ेंगे। जीवन की परिस्थितियां, हमारे लिए परमेश्वर द्वारा दिया जाने वाला प्रशिक्षण होती हैं। यदि हम इन कठिन लोगों और परिस्थितियों को अस्वीकार कर दें तो हम रेगिस्तान में इज़राइल के बच्चों की तरह गोल-गोल घूम कर खुद को भटका देंगे, और परमेश्वर ने हमें जिनका वादा किया है उनमें कभी भी प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
मजबूती के साथ समाप्त करें
वे धावक जो दौड़ को जीतने के प्रति गंभीर होते हैं अपनी गति को बेहतर करने के लिए काफी दूरियां तय करेंगे। वे ऐसा कुछ भी पहनने या साथ रखने से इंकार कर देंगे जो हवा के प्रतिरोध को बढ़ा दे या उनको धीमा कर दे, जिससे उनके जीतने के अवसरों में बाधा पैदा हो। उन धावकों की ही तरह, हम भी एक दौड़ में हैं। यह उन लोगों के लिए जीवन और मृत्यु प्रश्न है जिनका जीवन इससे प्रभावित हो सकता है। हमारे और उनके लिए, हम अपने साथ कुछ भी नहीं ले जा सकते हैं क्योंकि उनसे इस दौड़ को सफलतापूर्वक समाप्त करने के हमारे अवसरों को ये धीमा कर सकते हैं या उसे बाधित कर सकते हैं।
एक पुरानी कहावत है जो कहती है कि, “अच्छा सर्वश्रेष्ठ का शत्रु है।” आज की परिस्थितियों में यह, पहले से कहीं अधिक सत्य हो सकता है। हमारे पास किसी भी ऐसी चीज़ पर नष्ट करने का समय नहीं है जो हमारे समय और ऊर्जा के उपयोग के लिए सर्वश्रेष्ठ से कम है। हमें अनेक “अच्छी” चीज़ों के आनंद को इसलिए छोड़ना होगा क्योंकि हमारे पास समय सीमित है।
“हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं॥” – Psalm 90:12 (KJV) (भजन संहिता 90:12) (अनुवाद)
मेरी आपसे प्रार्थना है।
जो पीछे छूट रहा है उसे भूल जाओ।
आगे बढ़ने वाले मार्ग पर ध्यान लगाते हुए आगे बढ़ना जारी रखो।
जो कुछ भी तुम्हारे उच्चतम प्रयोजन को हासिल करने में बाधा पैदा करे, जो भार बढ़ाए या भटकाए उससे मुक्त हो जाओ।
अपने ध्यान को पुरस्कार पर केन्द्रित रखो।
“इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकने वाली वस्तु, और उलझाने वाले पाप को दूर कर के, वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें, और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिस ने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्ता न करके, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा। – Hebrews 12:1–2 (NKJV) (इब्रानियों 12:1– 2) (अनुवाद)

